Monday, August 26, 2019

यशोदा छन्द


छंद : सुप्रतिष्ठा(पंचाक्षरावत्तिः) के अंतर्गत यशोदाछंद 

जिसे  सताए, उसे  नचाए
विकार  ऐसा, प्रमाद जैसा

        करो तपस्या, मिटे समस्या
        बनो भोगी, रहो रोगी

बिसार देना , उतार देना
अहं बुरा है, बड़ा छुरा है

        निकेत जोड़ो, घमण्ड छोड़ो
        सुजान जागो, दूर भागो

सुशील ज्ञानी, उदार दानी
सुकाज तेरे , रहें   घनेरे


~ अशोक कुमार रक्ताले 

No comments: